सुबह तु मेरी शाम भी तु

सुबह तु मेरी शाम भी तु
सवेरा तु मेरा रात भी तु

ख़ामोशी तु मेरी बात भी तु
मासूमी तु मेरी शरारत भी तु

दुरी तु मेरी साथ भी तु
ख्वाब तु मेरा हकीक़त भी तु

ख्वाहिश तु मेरी हसरत भी तु
आरजू तु मेरी तमन्ना भी तु

आस्था तु मेरी मन्नत भी तु
जिंदगी तु मेरी जन्नत भी तु

Default image
प्रतिक अक्कावार

शब्दांची भावना आणि विचारांशी सांगड घालून शाब्दिक कलाकृती निर्माण करणारा असाच एक.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.